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Monday, July 8, 2019

धूम्रपान का प्रभाव एवं धूम्रपान की वजह से फेफड़ों में जमी गंदगी दूर करने के तरीके। Smoking Effects and lungs detox drink.

धूम्रपान का प्रभाव Smoking effects:


धूम्रपान हमारे शरीर के लिए बहुत हानिकारक होता है परंतु यह जानते हुए भी विश्व की बहुत बड़ी संख्या इसकी शिकार है और इसकी लत में पड़ी हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक लगभग हर साल 60 लाख लोगों की मृत्यु धूम्रपान की लत के कारण होती है, और आने वाले समय में यह संख्या 80 लाख तक पहुच सकती है। साथ ही एक बहुत बड़ी आमदनी इस लत के कारण खर्च होती है।




विश्व भर में तम्बाकू को सबसे अधिक धूम्रपान के लिए स्तेमाल किया जाता है, यह निकोटिना प्रजाति का पौधा होता है जिसकी पत्तियों को सुखाकर धूम्रपान के लिए अनेक प्रकार से स्तेमाल किया जाता है। जब इसे धूम्रपान के लिए इस्तेमाल किया जाता है तो इसमें मौजूद निकोटिन शरीर के जाता है और उत्तेजना पैदा करता है। साथ मे मस्तिष्क में एक तरह का रसायन पैदा करता है जो मनुष्य को आनंद का अनुभव कराता है, तथा जब इस रसायन का असर कम होता है तो शरीर फिर से उसे पाने के लिए धूम्रपान कि चाहत पैदा होती है और बार बार कि लत बढ़ती है।

धूम्रपान से होने वाली समस्या:


धूम्रपान की सुरुआत एक दो सिगरेट या बीड़ी के साथ होती है लेकिन यह बढ़ती जाती है और कई समस्याओं को उत्पन्न करती है। एक बार धूम्रपान से लगभग 4000 तरह के हानिकारक तत्व शरीर मे प्रवेश करते है जिसमे लगभग 40 तरह के हानिकारक तत्व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के जनक हो सकते है। 

कैंसर के अलावा धूम्रपान से होने वाली बीमारियां:
१) त्वचा रोग
२) दांतो की गिरावट या कमजोर
३) आंखों की बीमारी या मोतियाबिंद
४) रक्तचाप की बीमारी
५) कोलेस्ट्रॉल की बीमारी
६) नपुंसकता
७) प्रजनन छमता में कमी
८) जोड़ो या गठिया रोग
९) स्वास समस्या
१०) हृदय रोग

फेफड़ों पर धूम्रपान का प्रभाव को कम कैसे करे:


फेफड़ों और हृदय धूम्रपान से सर्वाधिक प्रभावित होते है। धूम्रपान का सर्वाधिक असर फेफड़ों पर होता है क्योंकि ये सबसे पहले प्रभावित होता है, अधिक धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के फेफड़ों खून की मात्रा कम होने लगती है और ये काला पड़ने लगता है। यह जो विषाक्त पदार्थ पैदा होता है उसे "टार" कहते है। यह "टार" फेफड़ो द्वारा ऑक्सीजन अवशोषण छमता को कम कर देता है और शरीर मे कई तरह की बीमारिया उत्पन्न होती है।



फेफड़ों से इस विषाक्त पदार्थ को हटाने के लिए कुछ पेय भी कारगर होते है, जिन्हें Lungs Detox Drink कहते है। इसे बनाने की विधि इस प्रकार है:

१) ब्राउन शुगर, अदरक की जड़, लहसुन और हल्दी से बनने वाला पेय:

एक लीटर पानी मे ब्राउन शुगर को उबाल लें , जब यह अच्छे से उबल जाए तो इसमें बाकी के पदार्थ डाल दे और अच्छे से 10 से 15 मिनट तक उबलने दे। गाढ़ा होने पर इसे ठंडा होने को छोड़ से। ठंडा होने पर फ्रिज में रखे।

सेवन का तरीका: सुबह खाली पेट 2 चम्मक और रात को सोते समय 2 चम्मच ले।

२) गाजर और सहद से बनने वाला पेय:

एक लीटर पानी मे कटी हुई गाजर को उबाल लें , लगभग 10 मिनट उबालने के बाद इसे पानी से अलग कर ले और पानी को फेंके नही। 
मिक्सर में गाजर को अच्छी तरह पीस ले फिर बचे हुए पानी मे मिला दे। ठंडा होने पर इसमे सहद मिलाए और फ्रिज में रख दे।

सेवन का तरीका: इसे दिन में तीन से चार बार ले सेवन करे।