Thursday, May 2, 2019

योग के लाभ एवं मुख्य योगासन। Benefits of Yoga and top Yogasan.

योग और योगासन का परिचय:

योग का शाब्दिक अर्थ होता है जोड़ना, अतः जो योग कि विद्या योगाचार्य महर्षि पतंजलि ने बताया है उनके अनुसार "चित्त को एक जगह में स्थापित करना योग कहलाता है, जहाँ पर जीवात्मा को परमात्मा से मिलाया जाता है और वो एक हो जाते है वही योग है।" महाऋषि पतंजलि ने योग के सम्पूर्ण रहस्य को योगदर्शन में सूत्रों के रूप में प्रस्तुत किया है।

 


योगासन से तात्पर्य होता है कि शरीर की वह स्थिति जब शरीर और मन को शांत स्थिति में रखा गया है और वह सुख का अनुभव कर रहा है। योगासन दो प्रकार के होते है:

१) स्थिर आसन:
वह आसन जो बिना गति के बिना किसी प्रकार की शक्ति के प्रयोग से मात्र अभ्यास के माध्यम से स्थिर रखा गया हो स्थिर आसन कहलाता है।

२) गतिशील आसन:
यह उस तरह का आसन होता है जिसमे शरीर को शक्ति से साथ गतिशील रख कर किया जाता है।

कुछ योगासन जिन्हें आसानी के साथ किया जा सके तथा लाभ:


१) शुखासन:


 


शुखासन एक ऐसा योग है जिसमे मन को शान्ति प्रदान कि जाति है। यह बैठ कर किया जाने वाला आसन है जिसमे श्वास को सरलता पूर्वक अंदर और बाहर किया जाता है।

२) ताड़ासन:


 


ताड़ासन खड़े होकर किया जाने वाला योग है जिसमे दोनों हांथो को ऊपर उल्टा जोड़कर खिंचाव किया जाता है। इस आसन का अभ्यास शरीर को सुडौल, संतुलन और दृहत मिलती है।

३) त्रिकोणासन:


 


त्रिकोणासन में त्रिकोण का आकार बनता है इस योग का अभ्यास शरीर को लचीला और मन के तनाव को दूर करने वाला होता है।

४) बज्रासन:


 


बज्रासन बैठकर किया जाने वाला आसन है। यह शरीर को सुडौल और सुदृढ़ बनाता है, पाचन में लाभदायक एवं पीठ दर्द को आराम देने वाला योग अभ्यास है।

५) नमस्कार आसन:


 


नमस्कार आसन एक आसान और योग की सुरुआत में किया जाने वाला योग आसन है, इसमे दोनों हांथो को जोड़कर ऊपर उठाया जाता है।

६) वृक्षासन:


 



वृक्षासन एक पैर में वृक्ष के आकार में किया जाने वाला महत्वपूर्ण योग अभ्यास है। यह तनाव को दूर करता है मन को शांत रखने में सहायक एवं पैरों को मजबूती प्रदान करने वाला है।

७) कोडासन:

 



कोडासन पैरों को कोड की आकृति बनाने वाला आसन है। यह योग अभ्यास हड्डियों को एवं कमर को मजबूत करने वाला होता है।

८) भुजंग आसन:


 


भुजंगासन में उलट लेटकर कमर के ऊपरी भाग को ऊपर उठाया जाता है। इस योग अभ्यास से मेरुदंड में मजबूती आती है तथा कमर की मांसपेशियों को आराम मिलता है।

९) गोमुखासन:


 


गोमुखासन बैठ कर किया जाने वाला प्रमुख आसन है, इसमे शरीर को स्थिर करके पीछे हाथ को जोड़ा जाता है। यह शरीर को लचीला बनाने में मदत करता है।

१०) नटराज आसन:

 



यह आसन थोड़ा कठिन होता परंतु निरंतर अभ्यास किये जाने से सम्पूर्ण शरीर को लाभदायक होता है एवं शरीर को मजबूत करता है।



0 comments:

Post a Comment