Saturday, May 11, 2019

गुड़ के सेवन के फायदे और नुकसान। Benefits of jaggery.

आयुर्वेद में गुड़ के सेवन को उत्तम क्यों बताया गया है Why ayurved suggest to eat Jaggery? 

यदि आप अपने मीठा खाने के शौक को भी पूरा करना चाहते हैं और अपनी सेहत के साथ भी समझौता नहीं करना चाहते हैं तो गुड़ आपके लिए एक बेस्ट आप्शन होता हैं। आयुर्वेद में भी गुड के उपयोग को फ़ायदेमंद बताया गया है, यह फेफड़ो में जमी गंदगी को सॉफ करता है। गुड में बहुत से औषधीय गुण होते हैं, कुछ लोग इसे ऐसे ही चबाना पसंद करते हैं, तो कुछ दूध या चाय में मिलकर पीते हैं, लेकिन आज हम आपको गुड़ खाने का एक ऐसा हैल्दी तरीका बताने जा रहे हैं जिसके प्रयोग से आपको कई तरह की स्वास्थ सम्बंधित परेशानियों से छुटकार मिल जाएगा।



गुड़ में चीनी का बाहुल्य होता है और इसकी मात्रा कभी कभी 90 प्रतिशत से भी अधिक तक पहुँच जाती है। इसके अतिरिक्त इसमें ग्लूकोज़, फ्रुक्टोज़, खनिज (चूना, पोटाश, फासफ़ोरस आदि) भी अल्प मात्रा में रहते हैं। इसमें जल का भी थोड़ा अंश रहता है जो ऋतु के अनुसार घटता बढ़ता रहता है। भारत एक ऐसा देश हैं जहाँ अक्सर लोगो को मीठा खाने का बड़ा शौक होता हैं। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो बढ़ती हेल्थ प्रॉब्लम के चलते अधिक मीठा खाने से परहेज करते हैं। आमतौर पर लोग सर्दियों के मौसम में ही इसका प्रयोग करते हैं, जबकि इसे साल भर खाया जा सकता है और शरीर को इसे ढेरों लाभ भी मिलते हैं। इसे आपको अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

गुड़ के प्रकार Type of Jaggery:


गुड़ कई प्रकार और आकार का होते हुए भी वस्तुत: एक ही पदार्थ है। ताड़ से प्राप्त ताड़ का गुड़ कहा जाता है, पर गन्ने से प्राप्त गुड़ इतना प्रचलित है कि इसे लोग केवल गुड़ ही कहते हैं। इसके विपरीत भी गुड़ का कई तरह से वर्गीकरण किया जा सकता है, जैसे साफ किया हुआ गुड़ एवं बिना साफ किया हुआ गुड़, छोटी पिंडियों एवं बड़ी पिंडियोंवाला आदि। 



रख दिए जाने पर, अर्थात् पुराना होने पर, इसके गुणों में परिवर्तन होता जाता है। इसलिये नया गुड़, एवं पुराना गुड़ इस भाँति भी उपयोग में इसका विवरण आता है। गुड़ स्‍वाद का ही नहीं बल्‍कि सेहत का भी खजाना है, ऐसा इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि अकसर डॉक्‍टर बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मीठे खासतौर से चीनी से दूर रहने की सलाह देते हैं। गुड़ न सिर्फ खाने में टेस्‍टी है बल्‍कि यह कई औषध‍िय गुणों से भरपूर है, यह एक ऐसा सुपर फूड है जिसके फायदों के बारे बहुत कम लोग ही जानते हैं। अतः गुड़ के कुछ फायदे इस प्रकार है:

गुड़ के फायदे Benefits of Jaggery:


१) गुड को दूध या पानी में मिलाकर पीने से शरीर में थकान दूर होती है और उर्जा मिलती है। गुड़ शरीर को मजबूत और एक्टिव बनाए रखता है। शरीरिक कमजोरी दूर करने के लिए दूध के साथ गुड़ का सेवन करने से ताकत आती है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है।

२) कई लोगो को समस्यां रहती हैं कि रोज सुबह उठते ही उनका पेट अच्छे से साफ़ नहीं होता हैं, इसे हम कब्ज के नाम से भी जानते हैं। ऐसी स्थिति में खाली पेट गुड़ और गुनगुना पानी लेने से लाभ मिलता हैं।

३) भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा के अनुसार गुड़ का उपभोग गले और फेफड़ों के संक्रमण के उपचार में लाभदायक होता है। गुड़ के प्रयोग से कोयले और सिलिका धूल से होने वाली फेफड़ों की क्षति को रोका जा सकता है। 




४) गुड़ आयरन का बहुत बड़ा स्रोत है, अगर आपका हिमोग्‍लोबिन कम है तो रोजाना गुड़ खाने से तुरंत लाभ मिलने लगेगा। गुड़ खाने से शरीर में लाल रक्‍त कोश‍िकाओं की मात्रा बढ़ जाती है, यही वजह है कि प्रेग्‍नेंट महिलाओं को डॉक्‍टर गुड़ खाने की सलाह देते हैं। एनिमिया के मरीजों के लिए तो गुड़ अमृत के समान है।

५) गुड के सेवन से त्वचा के हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकलते है जिससे त्वचा सॉफ रहती है। ये शरीर में खून के प्रवाह यानी ब्लड सर्कुलेशन को सामान्य रखता हैं, जिसके चलते दिल सम्बंधित बीमारियाँ नहीं होती हैं।

६) गुड़ ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल करने का काम भी करता है। खासतौर पर हाई ब्‍लड प्रेशर से परेशान लोगों को रोजाना गुड़ खाने की सलाह दी जाती है यदि आपो हमेशा एसिडिटी या गैस की समस्यां रहती हैं तो वो भी इस गुड़ और पानी के कॉम्बिनेशन से हल हो जाएगी।

७) गुड़ सर्दी-जुकाम भगाने में काफी असरदार है। काली मिर्च और अदरक के साथ गुड़ खाने से सर्दी-जुकाम में आराम मिलत है। अगर किसी को खांसी की श‍िकायत है तो उसे चीनी के बजाए गुड़ खाना चाहिए। गुड़ को अदरक के साथ गर्म कर खाने से गले की खराश और जलन में राहत मिलती है।

गुड़ खाने के नुकसान :

गुड़ की तासीर गर्म होती है अतः कुछ लोगो को इसके विपरीत प्रभाव हो जाते है। गर्म या ताजा गुड़ खाने से बदहजमी और पेट खराब होने की संभावना होती है।
गर्मी के दिनों में कुछ लोगो मे नाक से खून आने की समस्या भी हो जाती है, यह गुड़ के गर्म तासीर की बजह से होता है, अतः उन्हें गर्मी के मौसम में गुड़ के सेवन पर परहेज रखना चाहिए।



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