Thursday, April 18, 2019

पांच मुख्य भारतीय प्राकृतिक तिलहन के फायदे। Benefits Of Five Natural Indian Eatable OIL

प्रमुख भारतीय तिलहन और उनके फायदे:

प्राचीन काल से भारतीय भोजन में तेल का स्तेमाल भोजन को पकाने में किया जाता रहा है। वैदिक काल से ही शुद्ध घी को उसमे गाय के घी को सर्वथा शेष्ट माना गया है, इसी लिए हवन आदि कार्यों में इसका उपयोग होता रहा है। परंतु बाद में जब कृषि विस्तार हुआ, तिल का तेल सबसे प्राचीन और उत्तम है जिसका खड्यापदार्थ में उपयोग शुरु हुआ। 


बाद में अलग अलग प्रान्तों में उपलभ्य तिलहनों का उत्पादन भी हुआ जिसमें मुख्य पश्चिमी भारत मे मूमफली के तेल, दक्षिण भारत मे नारियल के तेल तथा उत्तर और अन्य भागों में सरसों(राई) के तेल का स्तेमाल होना सुरु हुआ। इन तेलों को भोजन पकाने में स्तेमाल किया जाता रहा है, क्योंकि इनको घानी में तैयार किया जाता है।

१. मूंगफली का तेल



फायदे:
मूंगफली का तेल शरीर में वसा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे आपको अपना वजन कम करने में मदद मिलती है। यह तेल कैंसर से लड़ने के अलावा आपकी पाचन क्रिया को भी ठीक करता है। मूंगफली का हृदय से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद होता है। जिन लोगों को डायबटीज की समस्‍या होती है उनके लिए मूंगफली के तेल लाभप्रद होता है। इस तेल के सेवन से शरीर में इंसुलिन की पर्याप्‍त मात्रा बनी रहती है। इसमें असंतृप्‍त वसा होता है उच्च रक्तचाप से बचने में हमारी मदद करता है साथ ही दिल की रक्षा करता है। इसके अलावा इसमें इसमें फैटी एसिड, असंतुलित मात्रा में नहीं होता, जिसके कारण शरीर में फैट अधिक नहीं बढ़ता।

नुकसान:
जिन लोंगो को मूंगफली से  एलर्जी हो, उनकी सेहत के लिए मूंगफली का तेल नुकसानदायक होता है। मूँगफली के रिफाइंड आयल का प्रयोग सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता है। केवल मूंगफाली हीं नहीं, किसी भी वनस्पति का तेल, जो रिफाइंड प्रक्रिया से तैयार किया गया हो, सेहत के लिए नुकसानदायक होता है गर्भवती महिलाओं एवं शिशु को स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए मूंगफली के तेल का ज्यादा सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है।

२. तिल का तेल



फायदे:
तिल के तेल के फायदे इसमें मौजूद औषधीय गुणों के कारण और बढ़ जाते है, इस कारण इसे प्राचीन भारत के वेदों में मनुष्यों के लिए बिल्कुल सही बताया गया था। इस तेल में एक जीवाणुरोधी गुण होते है जो सामान्य त्वचा रोगजनकों जैसे स्‍ट्रेप्‍टोकोकस और स्‍टाफिलोकोकस और एथलीट पैर जैसी त्वचा कवक को ठीक करता ह

३. सरसों का तेल




फायदे:
दर्दनाशक के रूप में जोड़ों के दर्द में सरसों के तेल की मालिश करना बहुत फायदेमंद होता है। त्वचा के लिए फायदेमंद सरसों का तेल त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है। भूख बढ़ाने में मददगार  के साथ साथ वजन घटाने में मददगार होता है।
अस्थमा की रोकथाम और दांत दर्द में फायदेमंद होता है साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फायदेमंद होता है।


४. नारियल का तेल




फायदे:
आयुर्वेद में पित्त वृद्धि होने पर नारियल तेल का इस्तेमाल गठिया, जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए किया जाता है। यह हड्डियों में कैल्शियम और मैग्नीशियम अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करता है। नारियल तेल के इस्तेमाल से वजन भी कम किया जा सकता है

५. अलसी का तेल




फायदे:
अलसी का तेल शरीर और त्वचा के लिए कई कारणों से लाभदायक है। अलसी के तेल का प्रयोग खाने में, त्वचा पर लगाने में, बालों में एवं अन्य कई घरेलु कार्यों के लिए किया जाता है। ऑमेगा 3 हमारे शरीर और त्वचा के लिए बहुत उपयोगी होता है। इसका उपयोग कई सौंदर्य पदार्थों और घरेलु चीजों के लिए किया जाता है।

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