Friday, March 8, 2019

महिलाओं से जुड़ी मुख्य स्वास्थ्य समस्याएं । Women's related top health issues.

महिलाओं में बढ़ती बीमारियां Women's Health issues:



पुरुष और महिला दोनों विभिन्न स्थितियों में अपने आप को ढालते हैं, कुछ स्वास्थ्य समस्याएं महिलाओं को सामान्यतः अधिक प्रभावित करते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को दिल का दौरा पड़ने से होने वाली मौतें अधिक होती हैं।अवसाद (डिप्रेशन) और चिंता महिला में अधिक बार दिखाई देते हैं। यूरिन संबंधित बीमारियों की स्थिति महिलाओं में अधिक बार होती है साथ ही यौन सम्बंधित रोग महिलाओं को अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं। महिलाओं में सबसे अधिक बार निम्नलिखित बीमारियां स्वास्थ्य के जोखिम को बढ़ा रही हैं। ये है:

१) दिल की बीमारी Heart Disease:

लोग हृदय रोग को पुरुषों में एक आम मुद्दा मानते है, लेकिन यह स्थिति पुरुषों और महिलाओं को लगभग समान रूप से प्रभावित करती है। फिर भी, केवल 54 प्रतिशत महिलाओं को पता है कि हृदय रोग से उनको खतरा है और वो सचेत रहती है। WHO के अनुसार लगभग 50% महिलाएं उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल या धुएं से पीड़ित है, यही वो कारण है जो हृदय रोग को बढ़ा रहे है।


२) स्तन कैंसर Breast cancer:

स्तन कैंसर, जो आमतौर पर दूध नलियों के laval में उत्पन्न होता है, अन्य अंगों में फैल सकता है। यह समूचे विश्व मे महिला आबादी को प्रभावित करने वाला सबसे आक्रामक कैंसर है। यह स्थिति विकसित देशों में महिला आबादी के बीच अधिक पनप रहा है।
सुरुअति समय मे, स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं के स्तन गांठ विकसित होती है। अधिकांश स्तन गांठ खतरनाक नही होती, लेकिन महिलाओं के देखभाल के लिये डॉक्टर द्वारा जाँच करना महत्वपूर्ण है।

३) स्त्री रोग संबंधी परेशानिया (एसटीडी)

महिलाओं के मासिक धर्म चक्र में रक्तस्राव एक सामान्य हिस्सा है। परंतु अगर कुछ असामान्य है जैसे अधिक पेसाब, समय के पहले रक्तस्राव, पेसाब में जलन अन्य बीमारियों के संकेत हो सकते है। यौन समस्याओं (एसटीडी) या प्रजनन पथ के कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का संकेत दे सकते हैं। हालांकि सही देखभाल या डॉक्टर की मदत से हल्के संक्रमणों का आसानी से इलाज कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अनियंत्रित छोड़ दिया जाता है, तो वे बांझपन या किडनी की बीमारियों जैसी स्थितियों को जन्म दे सकते हैं।



४) गर्भावस्था कि दिक्कत Pregnancy Problem:

गर्भावस्था के दौरान पहले से मौजूद किसी भी तरह की परेसानी स्थिति खराब कर सकती है, जिससे मां और उसके बच्चे के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है। वे समस्या है: अस्थमा, मधुमेह और अवसाद जो गर्भावस्था के दौरान माँ और बच्चे को नुकसान पहुँचा सकते हैं, अगर ठीक से इनका नियंत्रण न किया जाए।
अवसाद या डिप्रेशन महिलाओं बम गर्भावस्था के दौरान RBC को कम कर देता है जिससे एनीमिया होने का खतरा होता है। विभिन्न प्रकार के और समस्या महिलाओं के गर्भावस्था के दौरान देखी गयी है लेकिन यह अच्छी बात है कि गाइनकॉलजिस्ट की मदत से इनका इलाज़ किया जा सकता है।

५) ऑटोइम्यून रोग Autoimmune Disease:

ऑटोइम्यून रोग तब होता है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली immediately System जो कि वायरस से लड़ने की जगह स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करते हैं। यह समस्या पेट मे अधिक बनती है जिनमे मुख्य है अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोज डिसीस। इनके लक्षण है:

● मल त्यागने की संख्या बढ़ाना
● पतले दस्त
● दर्द या मरोड़
● मल के साथ रक्तस्राव
● थकावट और बजन कम होना

अधिकांश ऑटोइम्यून सिस्टम पेट में रहता है। इस स्थिति से पीड़ित लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों का सहारा लिया जाना चाहिए है, जैसे:

● प्राकृतिक आहार लें
● कम वसा का सेवन
● तनाव नही लेना 
● सराब का सेवन नही करना


६) अस्थियों की समस्या Bone Disease:

उम्र के साथ हड्डियों को कमजोर हो सकती है, जिससे वे आसानी से टूट सकते हैं। कई कारण महिलाओं में होने वाली परेसानी उत्पन्न करती है जैसे:

● आयु
● शराब का सेवन
● पोषण की कमी
● आनुवंशिकी
● व्यायाम की कमी
● शरीर का कम वजन
● धूम्रपान
● स्टेरॉयड का उपयोग


७) अवसाद और चिंता Depression:

प्राकृतिक हार्मोनल उतार-चढ़ाव अवसाद या चिंता पैदा कर सकता है। बच्चे के जन्म के कुछ समय बाद, कई महिलाओं में अवसाद का एक रूप हो सकता है, जिसे "बेबी ब्लूज़" कहा जाता है। लेकिन सबसे बड़ा कारण चिंता, भावनात्मक बदलाव, उदासी और थकान होता है।



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