Friday, March 1, 2019

घुटना के दर्द की समस्या। Knee Pain problem: Cause , symptoms in hindi

घुटनो में दर्द की समस्या का कारण Cause of Pain in Knees: 


घुटनो के इस जोड़ में मुख्यत चार हड्डियों, लगभग 15 मांसपेशियों के अलावा एक और महत्त्वपूर्ण चीज़ होती है जिसे कारटीलेज (Cartilage) कहते हैं।  रोजमर्या के जीवन में चलने-फिरने, घरेलू या बाहरी कार्य, सैर करने, व्यायाम आदि करने से घुटनों के जोड़ों में स्थित कारटीलेज की मात्रा का छय होता है| घुटना शरीर का सबसे बड़ा तथा जटिल जोड़ है, कारटीलेज में द्रव या कोलोजन, रक्त प्रवाह के कम होने में कठोर होने लगता है। यह रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में ज्यादा पाया जाता है। इसका कारण है महिलाओं में स्त्री हारमोन ‘इस्ट्रोजन’ का स्राव काफी कम हो जाने के कारण शरीर का वजन बढ़ने की प्रक्रिया तेज हो जाती है।
घुटने का दर्द के और भी बहुत से कारण हो सकते है जिसका पता उचित डॉक्टर के माध्यम से हो सकता है।

घुटनों के दर्द और अर्थराइटिस में अंतर Difference between normal knee pain and arthritis:


अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसका शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों पर असर पड़ता है। मरीज के पैरों और हड्डियों के जोड़ों में तेज दर्द होता है, जिससे चलने-फिरने में भी तकलीफ हो सकती है। अर्थराइटिस की बीमारी में शरीर मे विटामिन डी और कैल्शियम की कमी के कारण होता है। आमतौर पर देखा जाता है कि घुटने के हर दर्द को लोग आर्थराइटिस समझ लेते हैं, जबकि घुटनों में दर्द के कई कारण हो सकते हैं तथा उनका इलाज भी भिन्न-भिन्न है। कुछ खास तरह के अर्थराइटिस में शरीर के दूसरे अंग भी प्रभावित होते हैं। ऐसे में दर्द के साथ दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं। 

घुटनों की समस्या के लक्षण Synonyms of Knee Pain:


इसके लक्षण विभिन्न प्रकार के हो सकते है, क्योंकि यह शरीर की छमता और समस्या के स्तर पर निर्भर करता है, मुख्य लक्षण इस प्रकार है:

१) चलते समय आवाज़ आना
२) सूजन होना
३) सीधा करने में परेसानी 
४) खड़े होने में जकड़न या थरथराहट
५) त्वचा का लाल होना या छूने में दर्द होना

घुटनो के दर्द से बचाव के घरेलू उपाय Home Remedies of Knee Pain:

कई बार कुछ घरेलू उपाय और बचाव से परेसानी कम हो सकती है परंतु इसके पूरी तरह से आराम के लिए डॉक्टर या आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेना उचित होगा। कुछ उपाय और घरेलू बचाव करना चाहिए जो इस प्रकार है:
१) पोषण उक्त भोजन को अपने आहार में सम्लित करे
२) बजन को कम करने के लिए उपाय करना
३) खेल कूद का चयन अपनी परेसानी के अनुसार करे
४) गर्म पानी की थैली से सेकना
५) तेल की मालिश
६) लहसुन का सेवन
७) हल्दी का सेवन या लेप
८) दूध या दूध के पदार्थों का सेवन


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