Sunday, December 23, 2018

PCOD या PCOS हिंदी में , PCOS In Hindi

PCOS या PCOD:

   “पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम” या “पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर” ऐसी कंडिशन है जो रिप्रोडक्टिव उम्र की महिलाओं में हॉर्मोनल असंतुलन (hormonal imbalance) के कारण हो जाती है। इसमें महिला के शरीर में male हॉरमोन – “androgen” – की मात्रा बढ़ जाती है व ओवरीज़ पर एक से ज़्यादा सिस्ट हो जाते हैं।यह बीमारी के होने का आजतक कोई कारण पता नहीं चला है और यह अभी भी शोध का विषय है, परंतु चिकित्सकों का मानना है कि यह समस्या महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन, मोटापा या तनाव सबसे बड़ा कारण है। भारत मे औसतन हर 10 में से एक महिला इस बीमारी से ग्रसित है।


PCOD/PCOS के लक्षण:

१) समय पर मासिक धर्म का नही आना- अनियमित पीरियड्स आना इसका सबसे बड़ा संकेत होता है। कई बार पीरियड जल्दी तो कई बार देरी से होते है, हर उम्र के मरीज में ये परेसानी होती है।
२) अचानक वजन में बदलाव होने लगता है- इस योग में ज्यादातर महिलाओं के शरीर में मोटापा बढ़ जाता है, या फिर अचानक कम होने लगता है।
३) अधिक बाल उगना - ठोड़ी पर अनचाहे बाल उगना सिर्फ हार्मोनल चेंज ही नहीं इस बीमारी का लक्षण भी हो सकता है,इसके अलावा बालों का झड़ना, शरीर व चेहरे पर, छाती पर, पेट पर, पीठ पर अंगूठों पर या पैरों के अंगूठों पर बालों का उगना भी इसके लक्षण है।
४) चिड़चिड़ापन होना- भावनात्मक उथल-पुथल- जल्दी किसी बात पर इमोशनल हो जाना, अधिक चिंतित रहना, बेवजह चिड़चिड़ापन इस बीमारी के संकेत हो सकते हैं।
५) बांझपन- इस समस्या से बांझपन अधिक देखने को मिलता है, जिसका इलाज इन विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसी नई तकनीक से दूर किया जा सकता है, जिसके बाद प्राकृतिक तरीके से अंडा महिला के गर्भ में विकसित हो जाता है। PCOD महिलाओं में इनफर्टिलिटी के मुख्य कारणों में से एक है।

PCOS PCOD होने के कारण क्या होते हैं?

 वैसे इसका कोई ठोस कारण पता नहीं चला है, लेकिन ये genetically भी पास होता है और ज़्यादा वज़न होने पर भी इसके होने की संभावना बढ़ जाती है। ज़्यादा तनाव के कारण भी ये समस्या हो सकती है।

PCOS PCOD होने पर क्या करें?

१) नियमित व्यायाम करें : पैदल घूमना, जॉगिंग, योग, ज़ुम्बा डांस, एरोबिक्स,साइक्लिंग, स्विमिंग किसी भी तरह का शारीरिक व्यायाम रोज़ करें। व्यायाम के साथ आप मैडिटेशन भी कर सकती ही जिससे तनाव काम होगा।
२) अच्छा खानपान, अच्छी सेहत : जंक फ़ूड,अधिक मीठा,फैट युक्त भोजन,अत्यधिक तैलीय पदार्थ,सॉफ्ट ड्रिंक्स, का सेवन बंद कर अच्छा पौष्टिक आहार लेना ज़रूरी है। अपनी डाइट में फल,हरी सब्जियां,विटामिन बी युक्त आहार,खाने में ओमेगा 3 फेटी एसिड्स से भरपूर चीज़ें शामिल करें जैसे अलसी, फिश, अखरोट आदि। आप अपनी डाइट में नट्स, बीज, दही, ताज़े फल व सब्जियां ज़रूर शामिल करें। दिन भर भरपूर पानी पीएं।
३) सही लाइफस्टाइल का चयन करें : लड़कियां आजकल पढ़ाई या ऑफिस के काम बहुत व्यस्त हो गई हैं जिससे उनका स्ट्रेस लेवल बढ़ रहा है और वे अपनी सेहत पर भी ध्यान नहीं दे पाती हैं। PCOD/PCOS से छुटकारा पाने के लिए लाइफस्टाइल बदलना बहुत ज़रूरी है। अगर आपको इस तरह के लक्षण नजर आएं तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से जरूर परामर्श लें और जल्द से जल्द इसका उपचार कराएं। सही आहार, नियमित व्यायाम और लाइफस्टइल में सुधार कर के इस समस्या को रोका जा सकता है।

PCOS/PCOD को दूर करने के घरेलू उपाय:


डॉक्टर की सलाह व दवाइयाँ लेने के साथ ही ये उपाय घर पर करें...ताकि आपको इससे जल्द छुटकारा मिल जाए। ये हैं कुछ जादूई कुदरती उपाय- दालचीनी – ये आपके अनियमित पीरियड की समस्या को दूर करने में बड़ी मददगार होती है। एक टीस्पून दालचीनी का पाउडर गरम पानी में मिला कर पी लें। आप चाहें तो इसे अपने ओटमील, दही या चाय में मिला कर भी पी या खा सकती हैं। इसका सेवन रोज करें, जब तक आपको रिज़ल्ट ना मिलने लगें, दिल की बीमारियों को होने से रोकती है। 1-2 टेब्लस्पून ताज़ी पीसी हुई अलसी को पानी में मिला कर पी लें। इसे रोजाना तब तक पिए, जब तक आपको नतीजे ना मिलने लगें। मेथीदाना – ये होर्मोंस को संतुलित करने, कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता है और साथ ही वज़न कम करने में भी कारगर होता है। तीन टीस्पून मेथीदाने को पानी में 7-8 घंटे के लिए भिगो दें। फिर सुबह खाली पेट एक टीस्पून भीगा हुआ मेथीदाना शहद के साथ मिलाकर खा लें।

वज़न कंट्रोल करें – अगर आपका वज़न ज़्यादा है तो उसे काबू में करें क्योंकि ओवरवेट लोगों में PCOS की समस्या गंभीर हो जाती है। वज़न कम करने से androgen का लेवल व दूसरी समस्याएं भी कम होंगी और पीरियड भी नियमित रूप से आने लगेगा। अगर इसके कारण आपको प्रेग्नेंट होने में समस्या हो रही है तो वज़न कम करने से ये समस्या भी दूर हो सकती है, इसलिए वज़न कम करना बेहद ज़रूरी है। नियमित एक्सरसाइज करें – साइक्लिंग, वॉक, स्विमिंग, जोगिंग, किसी भी तरह की कसरत नियमित रूप से करें। इसके अलावा स्ट्रैस-फ्री होने के लिए आप प्राणायाम व ध्यान भी कर सकती हैं। वज़न कम करने के साथ ही ये शरीर को सेहतमंद व तनाव मुक्त रखेगा। और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ और पानी 2-3 लीटर पिये।

तो दोस्तो अगर आपके सुझाव होतो जरूर लिखे कॉमेंट और ज्यादा से ज्यादा शेयर करे।


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