Saturday, February 2, 2019

अंडों के फायदे: आयुर्वेद के अनुसार। Benefits of Eggs as par Ayurveda in Hindi.

अंडों के फायदे Benefits of Eggs:

अंडों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक फायदेमंद होता है, इसमे उच्च कोटि का प्रोटीन होता है साथ कि जरूरी विटामिन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सोडियम और मिनिरल होते है जो शरीर के लिए बहुत उपयोगी होते है। साथ ही वसा की मात्रा कम होती है, विशेषकर सफेद हिस्से में।
यहाँ पर बात करेंगे मुर्गियों के अंडों के बारे में क्योंकि यह रोजाना खाया जाता है। आयुर्वेद में भी इसके फायदों के बारे बताया गया है, यह भ्रांति गलत है कि आयुर्वेद में केवल शाकाहार के बारे में कहा गया है किंतु कई पक्षियों के अंडों के सेवन के बारे में कहा गया है अलग अलग बीमारियों के उपचार में। भारत का मौशम बाकी देशों से अलग है इसलिए यहां पर खाद्यान में शाकाहार को बढ़ाया गया है, साथ ही भोजन की उपलब्धता में कोई कमी नही है।

क्या अंडों का सेवन जरूरी होता है:

हालांकि अंडों में बहुत गुणकारी तत्व होते है जो हमारे शरीर के लिए आवश्यक होता है लेकिन अगर हम संतुलित आहार लेते है जिसमे फल , सब्जियां, दूध या दूध के प्रोडक्ट सामिल है तो जरूरी नही है, साथ ही अगर हम गर्म प्रदेश में रहते है क्योंकि भारत मे बहुत से मौसम होते है तो सेवन नुकशान दायक भी हो सकता है।

किसको अंडों का सेवन जरूरी है:

जिनका सरीरिक कार्य ज्यादा होता है , खिलाड़ियों, बढ़ती उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाएं विशेषकर जिनके गर्भ में बच्चे का विकास ठीक से न हो रहा हो, बॉडी बिल्डिंग करने वालों को अंडों का सेवन जरूरी होता है। ठंडी जगह में रहने वाले को भी सेवन जरूरी है।

अंडों के सेवन के नुकसान:

अंडों की तासीर गर्म होती है इसलिए गर्मियों में खाने में परहेज करना चाहिए, पाईल्स या बबासीर के रोगियों को परहेज करना चाहिए। साथ ही हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति को भी परहेज करना चाहिए क्योंकि अंडों में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा ज्यादा होती है। जिन लोगों का पाचनतंत्र मजबूत नही है उनको भी परहेज करना चाहिए।
अंडों के सेवन और खरीद करते समय सावधानी रखनी चाहिए क्योंकि कई संक्रमित बीमारियों के बढ़ने का खतरा होता है, अंडों के अच्छे स्टोर से ले और अच्छे से पका कर खाएं।

कौन से अंडे सेवन के लिए उपयुक्त है:

बाजार में देसी और बॉयलर मुर्गियों के अंडे उपलब्ध होते है हालांकि इनके तत्व में कोई ज्यादा अंतर नही होता है परंतु देसी मुर्गियों के अंडे अधिक अच्छा माना गया है क्योंकि इन मुर्गियों में रोग प्रतिरोधक छमता ज्यादा होती है, अतः अंडों में संक्रमण का खतरा कम होता है।

सारांश Conclusion 

भारत का मौसम और भोजन की उपलब्धता बाक़ी के देशों से बहुत अलग है अतः यहाँ के भोजन की प्लानिंग में विदेशों से अलग है, हमे अपने रहन सहन , मौसम और शरीरिक जरूरतों के हिसाब से करना चाहिए।



तो दोस्तो आपको यह जानकारी कैसी लगी अपने सुझाव दे और शेयर करे।




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